नागनाथ रेंज में जंगलों में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान

चमोली। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत नागनाथ रेंज की खाल बीट और कैलव बीट के चीड़ के जंगलों में लगी भीषण आग ने वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती गई, जिससे बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग लगने की सूचना मिलते ही वन दरोगा आनंद सिंह रावत और वन दरोगा प्रकाश कण्डारी अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के अभियान में जुट गए। वन विभाग के कर्मी घंटों से लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि शाम तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।
आग बुझाने के कार्य में वन दरोगा आनंद सिंह रावत, वन दरोगा प्रकाश कण्डारी, वन आरक्षी हरीश चौहान, अमित मैठाणी, देवेंद्र राणा, मकर सिंह राणा, दर्शन रावत और संतोष रावत सहित कई वन कर्मी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। दुर्गम क्षेत्र और सूखे चीड़ के जंगलों के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उधर नागनाथ रेंज के रौता बीट के गोदीगिवाला क्षेत्र में भी चीड़ के जंगल में आग लगने की घटना सामने आई है। प्राथमिक जांच में आग लगने के पीछे अज्ञात शरारती तत्वों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। इस आग से भी वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस दौरान स्थानीय युवाओं ने सराहनीय भूमिका निभाई। सूचना मिलते ही बिपिन रावत, भूपेंद्र रावत, सुनील, हर्षवर्धन और शंकर सहित कई युवक मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने में सहयोग किया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।