पूर्व राज्यपाल एमएम लखेड़ा का निधन
देहरादून। मिजोरम व पुंडुचेरी के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एमएम लखेड़ा (सेवानिवृत्त) का सोमवार को निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका देहरादून के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से सैन्य, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
1937 में टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकासखंड के जखण्ड़ गांव में जयानन्द लखेड़ा के पुत्र के रूप में जन्मे लखेड़ा ने 1958 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। उन्हें शानदार सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल भी प्राप्त हुए। 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर सेना का नेतृत्व किया।
ले. जनरल लखेड़ा का सैन्य जीवन अद्वितीय उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने भारतीय सेना में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। उनकी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को देखते हुए उन्हें सेना के सर्वोच्च व प्रतिष्ठित सम्मानों में शामिल परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल तथा विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत किया गया था। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखी। केंद्र सरकार ने उनकी प्रशासनिक क्षमताओं को देखते हुए उन्हें मिजोरम और बाद में पुडुचेरी का राज्यपाल नियुक्त किया।
राज्यपाल के रूप में उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए सुशासन, पारदर्शिता और जनसरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी। अपने सहज व्यवहार, अनुशासित कार्यशैली और सादगी के कारण वह बेहद लोकप्रिय रहे। पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।