पालिका परिषद मसूरी ने ई-रिक्शा सेवा शुरू करने की दिशा में कवायद शुरू की
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी में बढ़ती यातायात समस्या और जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से शासन, प्रशासन और नगर पालिका परिषद मसूरी ने ई-रिक्शा सेवा शुरू करने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है जिसके तहत एसडीएम के नेतृत्व में किंक्रेग से लाइब्रेरी पिक्चर पैलेस व मालरोड सहित शहर के विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा, ऑटो का ट्रायल किया गया। जो पूरी तरह से सुरक्षित व सफल साबित हुआ अब प्रशासन व पालिका को ई रिक्शा संचालित करने के लिए संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर निर्णय लेकर धरातल पर उतारना है।
एसडीएम राहुल आनंद के नेतृत्व में किंक्रेग से ई रिक्शा ऑटो का ट्रायल किया गया व स्वयं एसडीएम व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, एआरटीओ व पुलिस विभाग के अधिकारियों ने पिक्चर पैलेस, लाइब्रेरी व मालरोड पर परीक्षण किया, व चढाई तथा उतराई में भी इसका परीक्षण किया गया, जिसमें यह सफल व सुरक्षित रहा। उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि ईरिक्शा जिसे ई आटो भी कह सकते है जिसका परीक्षण कुलडी की चढाई, लंढौर सहित पिक्चर पैलेस व लाइब्रेरी में किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। जिसमें तीन टीमों ने परीक्षण किया। इसमें पावर है व तीन पर्यटकों को सामान सहित ले जा सकती है, अब साइकिल रिक्शा संचालकों से वार्ता की जायेगी ताकि वे ई रिक्शा चलाने पर सहमत हो सकें। उन्होने कहा कि इसके लिए रणनीति बनायी जानी है व रूट तय करने होगे वहीं संख्या निर्धारित करनी होगी ताकि यह जाम का कारण न बने। जितने साइकिल रिक्शा चला
रहे है उन्हें भी समयोजित करना होगा, ई रिक्शा पर्यावरण फ्रेंडली है, जिसे मालरोड व अन्य स्थानों पर चलाया जा सके व पर्यटकों को अच्छा संदेश जा सके। इसमें नगर पालिका, एआरटीओं के साथ मिलकर कार्य करना होगा व निर्धारित रूटो पर चलने की अनुमति दी जायेगी, इसका पंजीकरण आरटीओं से करवाया जायेगा।
अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि ई-रिक्शा का ट्रायल शहर के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है, जिससे इसकी क्षमता और उपयोगिता का आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि ट्रायल सफल रहता है तो मसूरी में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए यह एक सुविधाजनक एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि पालिका कुछ स्थानों पर गोल्फकार्ट का संचालन कर रही है, लेकिन इसको संभागीय परिवहन विभाग लाइसेंस नहीं देता जबकि ई रिक्शा को परिवहन विभाग से अनुमति मिलती है।