केदारनाथ यात्रा के अंतिम पड़ाव गौरीकुंड स्थित गौरामाई मंदिर के कपाट खुले
रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत के तहत गौरीकुंड स्थित मां गौरी माई मंदिर के कपाट बैसाखी पर्व के शुभ अवसर पर विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड में स्थित मां गौरी माई मंदिर के कपाट मंगलवार प्रातः आठ बजे विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। परंपरा के अनुसार बैसाखी पर्व की सुबह गौरी गांव स्थित मां गौरी मंदिर में आचार्य गणों द्वारा पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात माता की भोग मूर्तियों को कंडी में सजाकर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर तक लाया गया। मंदिर पहुंचने पर कुल पुरोहित, मंदिर समिति एवं हक-हकूकधारियों की मौजूदगी में कपाट खोले गए, जो अब छह माह तक भक्तों के दर्शनार्थ खुले रहेंगे।
मंदिर प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी ने बताया कि परंपरानुसार सभी धार्मिक विधियों के बाद कपाट खोले गए हैं। गौरतलब है कि आगामी 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस अवसर पर गौरीकुंड नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष रामचन्द्र गोस्वामी ने कहा कि मां गौरामाई के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं का छह माह का इंतजार समाप्त हो गया है। जल्द ही शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से डोली रवाना होगी। उन्होंने बताया कि स्थानीय व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को सजा दिया है और इस वर्ष यात्रा में नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। इस मौके पर पुजारी कुलपुरोहित विमल जमलोकी, मठाधीश संपूर्णानंद, प्रधान कुसुम देवी, सरपंच मुकेश गोस्वामी, महिला मंगल दल अध्यक्ष माहेश्वरी देवी सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।